थाइरोइड क्या है ,लक्षण कारण व उपचार | Thyroid Ke Lakshan | Healthy Dost

थाइरोइड क्या है लक्षण कारण व उपचार


हेलो दोस्तों हमारे इस ब्लॉग healtydost.com में आप सभी का दिल से सुवागत है आज हम थाइरोइड क्या है ,लक्षण कारण व उपचार हाइपोथाइरोइडरिज़्म, हाइपरथाइरोइडरिज़्म जैसे विषय को अच्छे से समझने की कोशिश करेंगे आशा करता हूँ कि में आपको इस Topic के बारे में अच्छे से अच्छा से समझा सकू।

Thyroid-Ke-Lakshan-in-Hindi
Thyroid Ke Lakshan in Hindi


Thyroid क्या है

Thyroid  एक प्रकार का ग्लैंड्स है जिसे हम ग्रन्थि बोलते है हमारे शरीर मे विभिन्न प्रकार की ग्रन्थिया होती है जिसमे से एक ग्रन्थि थाइरोइड ग्लैंड है जो कि गले के बीच वाले पार्ट में मिलती हैं

इसका कार्य क्या होता हैं ये हार्मोन्स रिलीस करता है। ये टी-3 और टी-4 नामक हॉर्मोन को रिलीस करता है ये हार्मोन्स हरे शरीर की बेसील मेटाबोलिज्म को रेगुलेट करते है और भी कई इसके फंक्शन होते है ये रेगुलेट कैसे होते है टी एस एच नामक एक दूसरा हार्मोन्स होता है जो पेडेटिवे ग्लैड से निकलता है ओर वो इन्हे कंट्रोल करता है।

Thyroid  कितने प्रकार की होती है।

थाइरोइड कि बीमारी प्रमुख रूप से दो प्रकार की होती है।
1. हाइपोथाइरोइडरिज़्म
2. हाइपरथाइरोइडरिज़्म

हाइपोथाइरोइडरिज़्म - Thyroid की बात की जाए तो हाइपो का मतलब होता है कम इसलिए हाइपो या हाइपोथाइरोइडरिज़्म का फक्शन कम हो गया है-

जिसमे टी3, टी4, की मात्रा कम निकलती है ग्लैंड से उसे हम बोलेते है हाइपोथाइरोइडरिज़्म जो आज कल बहुत ज्यादा कॉमान है । इसमे टी3 या टी4 नामक कम हो जाते है ओर टी एस एच नामक हार्मोन बढ़ जाता है। जिसकी हम जांच करवाते है की टी एस एस के मात्र कितनी है।

हाइपोथाइरोइडरिज़्म के कारण

हाइपोथाइरोइडरिज़्म के कारण की बात की जाए तो सन 2006 से पहले की जब नमक में अयूडीन की मात्रा नही होती थी या फिर बहुत ही कम कंपनी थी

जिनके नमक में अयूडीन की होता था तो उसकी कमी से हाइपोथाइरोइडरिज़्म हो जाता था आज की आज की जाए लगभग सभी कंपनीयो के नमक में अयूडीन मिला हुआ होता है।तो हमे अयूडीन की कमी नही होती हैं।

एक कारण दवाइयां भी हैं कुछ दवाइयां एन्टी थाइरोइड होती हैं अगर हम इनका सेवन करते है और इनकी मात्रा ज्यादा हो जाती है या दवाइयों का डोज़ ठीक नही रहता है तो हाइपोथाइरोइडरिज़्म हो जाता है।

हाइपोथाइरोइडरिज़्म ये फमलियेर हो सकता है यानी परिवार में जिनके है उनके बच्चों में हो सकता हैं

हाइपोथाइरोइडरिज़्म का एक कारण स्ट्रेस भी हो सकता है।

Thyroid की सर्जरी (एस एच गेलेंड निकल गए है तो भी Hyper Thyroid की समस्या होने लगती है

पोस्ट रेडिएशन के कारण भी हाइपोथाइरोइडरिज़्म जाता है |

हाइपोथाइरोइडरिज़्म पुरुष के मुकाबले में महिलाओ में ज्यादा पाया जाता है

हाइपोथाइरोइडरिज़्म के लक्षण

  1. भूख कम लगना |
  2. वजन का बढ़ना |
  3. बालो का झड़ना |
  4. चीड़ -चिड़ापन रहना |
  5. सूजन आना |
  6. कमजोरी रहना |
  7. पसीना आना |
  8. बहुत ज्यादा ठण्ड लगना |
  9. कब्ज़ की समस्या |
  10. दिल की दड़कन का धीमा हो जाना |

हाइपोथाइरोइडरिज़्म का इलाज़

हाइपोथाइरोइडरिज़्म के इलाज के लिए मुख्य रूप से लेवोथाइरॉसिन नामक टेबलेट का इस्तेमाल किया जाता है जो विभिन्न प्रकार की कंपनी के ब्रांड से मार्केट में उपलब्ध है पर इसका इतेमाल सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर किया जाए तो ठीक है क्योंकि डॉक्टर मेरीज़ की कंडिशन पर ये टेबलेट देते है।

हाइपरथाइरोइडरिज़्म क्या है ?

अब हम बात करते है हाइपरथाइरोइडरिज़्म पर इसमे हाइपोथाइरोइडरिज़्म से विपरीत होता है इसमे टी3, टी4, की मात्रा अधिक निकलती है ग्लैंड से उसे हम बोलेते है हाइपरथाइरोइडरिज़्म |

हाइपरथाइरोइडरिज़्म के कारण

ग्रेव्स डिजीज ये भी एक प्रकार की डिजीज है इसके कारण भी Hyper Thyroid हो जाता है |

ये कारण ये भी है जैसे की आपको हाइपोथाइरोइडरिज़्म है और आप इसके डोज़ टाइम से नहीं ले रहे है इसके कारण भी हाइपरथाइरोइडरिज़्म हो जाता है |

हाइपोथाइरोइडरिज़्म की डोज़ कम ले रहे और असल में आपको डोज़ ज्यादा लेनी है इसके कारण भी हाइपरथाइरोइडरिज़्म हो जाता है |


हाइपरथाइरोइडरिज़्म के लक्षण

  1. भूख अधिक लगना |
  2. वजन का कम होना |
  3. दुसरो के मुकाबले गर्मी अधिक लगना |
  4. हर काम में जल्दबाजी होना |
  5. घबराहट होना |
  6. कमजोरी रहना |
  7. पसीना आना |
  8. शरीर में (हाथ व पैर) कम्पन होना |

हाइपरथाइरोइडरिज़्म का इलाज

हाइपरथाइरोइडरिज़्म के इलाज के लिए एन्टी थाइरोइड ड्रग्स नामक टैबलेट डॉक्टर की सलाह पर ली जाती है इसके अलावा अयूडीन 131 नामक प्रदार्थ होता उसके द्वारा रेडिएशन के द्वारा या फिर सर्ज़री के द्वारा इसका इलाज किया जाता है।

Note - ये सब जानकारी ( Information) है आप इसे उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए ।